Friday, July 31, 2015

Safal Yuva - Yuva Bharat - Yuva Sammelan in Mysore

On the occasion of Ma. Eknathji Janmashati Celebration mysore branch of Vivekananda Kendra Kanyakumari organised  Safal Yuva- Yuva Bharat Yuva sammelana” on 26th July, 2015 morning 10 am to 1 pm at Vivekananda Kendra, Meru, 2830, 1st main, Jayanagar. Convention started by prayer by Kum. Sindhu of Maharani Science college. Sri N S Chakravarthyji, Retd. Secretary Govt of India spoke on Swami Vivekananda’s life and teachings. Sri Vinayaka Salimat, Yuva Raja college student talked on Swami Vivekananda and Society. Sri Ramesh, trainer, Survey Department training college spoke on Vivekananda Rock Memorial, Ekanathji and Vivekananda Kendra activities. Students from Maharani Science college, Sharada vilas Law and Degree college, Maharaja P U College, J S S P U College participated.

सक्षम नारी ,समर्थ राष्ट्र का निर्माण करती है

बिलासपुर ;दिनांक १२/०७/१५- विवेकानन्द केंद्र कन्याकुमारी, बिलासपुर इकाई के तत्वाधान में आज पं देवकीनंदन दीक्षित सभागार में एक विमर्श का आयोजन किया गया, जिसका विषय मात्रिशक्ति था। जिसमे विवेकानन्द केंद्र के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष सुश्री निवेदिता भिड़े मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ सरोज कश्यप ,पूर्व प्राचार्या शा. कन्या. महा. वि. बिलासपुर ने किया, विशिष्ट अतिथी के रूप में पूर्व महापौर श्रीमती वाणीराव जी थी।

कार्यक्रम का प्रारंभ अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलन एवम भारत माता के चित्र पर पुष्पार्पण से हुआ। इस अवसर पर विवेकानन्द केंद्र कन्याकुमारी के संस्थापक मा. एकनाथ जी रानडे के ऊपर एक डॉकुमेंट्री फिल्म दिखाई गयी। विशिष्ट अतिथी  पूर्व महापौर श्रीमती वाणीराव जी ने अपने उदबोधन में विवेकानन्द को याद करते हुए कहा की स्त्री का जीवन केवल एक व्यक्ति के रूप में नहीं होती बल्कि वो एक माँ, एक बहन, एक बेटी एवम एक पत्नी के रूप पुरे समाज की एक विशिष्ट शक्ति के रूप में स्थापित होती है जो समाज में बदलाव की लहर ला सकती है। स्त्री केवल एक स्त्री नहीं होती बल्कि समाज की एक महत्वपूर्ण धुरी होती है, जिसके बिना संसार की कल्पना अधूरी है और जो समाज को चलाती है। कार्यक्रम की अध्यक्ष  डॉ सरोज कश्यप ने स्त्री की हक एवं सम्मान की लड़ाई में पुरुष वर्ग की सहभागिता एवं सहयोग पर प्रकाश डाला ,उन्होंने स्त्री और पुरुष समाज के बीच बने एक असमानता पर जोर देकर कहा की ये असमानता केवल न्याय व्यवस्था से मिटने वाला नहीं है इसके लिए समाज को बदलना होगा।

मुख्य वक्ता सुश्री निवेदिता भिड़े, अखिल भारतीय उपाध्यक्ष विवेकानन्द केंद्र कन्याकुमारी, ने स्त्री शक्ति का भाविपथ पर बोलते हुए कहा की भारतीय स्त्रियाँ सदा से पूजनीय रही है और भारतीय समाज में स्त्रीयों को सदैव सम्मान के साथ देखा जाता है, लेकिन पथभ्रष्ट शिक्षा और आधुनिकता के कारण हम आज वह सम्मान नारी को नहीं दे पाते जिसकी अपेक्षा होनी चाहिए। भारत सदा से ही नारी को शक्ति के रूप में पूजते आया है जो आज भी भारतीय समाज में प्रासंगिक है। उन्होंने ने कहा कि स्त्री सशक्तिकरण के लिए पुरुषो की  मानसिकता को बदलने की ज्यादा आवश्यकता है। यदि नारी को सशक्त बनाना है तो पुरुषो की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।

निवेदिता दीदी ने उदाहरण देते हुए कहा की जब हम स्त्रीयों के अच्छे स्वास्थ्य ,अच्छी शिक्षा के बारे में बाते तो करते है लेकिन जब वही स्त्री जब पुरे परिवार को खाना खिलाने के बाद जब भुखी पेट सोती है तो हम कुछ नहीं सोचते है। हम जानते है की शिशु का ७५% विकाश ६ वर्ष की आयु तक हो जाती है जो समय वह ज्यादातर अपने माँ के आस-पास ही बिताता है अत: माँ द्वारा दी जाने वाली शिक्षा का उसके मन-मस्तिस्क पर गहरा प्रभाव पड़ता है, शिक्षित स्त्री यह कर्त्तव्य भलीभांति निष्पादित करती है जो शिक्षित समाज के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाती है। एक सबल नारी से सबल परिवार, सक्षम समाज और उन्नत राष्ट्र का सपना पूरा होता है, स्त्री सशक्तिकरण का अर्थ स्त्री की  स्वछन्दता नहीं है , बल्कि उसके देश एवं समाज के प्रति ज्यादा जिम्मेदार होने से है तभी हम सच्चे अर्थो में स्त्री सशक्तिकरण को समझ पाएंगे।

Vimarsha in Raipur

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा रायपुर द्वारा 19 जुलाई, 2015 को पं रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग सभागार में विमर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसका विषय “धर्म भारत की आत्मा” था। इस कार्यक्रम में 150 प्रबुद्धजन उपस्थित थे। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मा. सुश्री निवेदिता दीदी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि धर्म, समयकाल और परिस्थितियों को लेकर चलने वाला है। धर्म सत्य है और सत्य समाज के अनुसार बदलने वाला नहीं है। अपितु समाज को सत्य के अनुसार बदलना पड़ेगा, नही तों नष्ट हो जायेगा। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द के अनुसार प्रत्येक राष्ट्र का अपना एक ध्येय होता है। भारत का नियत ध्येय आध्यात्म के क्षेत्र में विश्व का मार्गदर्शन करना है अर्थात् मनुष्य को उसके दिव्य स्वरुप का बोध कराना है। हमारा जन्म भारत में होने के कारण हमारे जीवन का लक्ष्य अपने राष्ट्र के ध्येय से जुड़ा है। एकात्मता पर आधारित समाज में विभिन्न प्रणालियों को विकसित करने, उसे परम वैभव तक पहुँचाने, अपने दिव्य स्वरुप को समझने की भूमिका मिली है। हमारा ध्येय भारत को इतना सक्षम बना देना है कि पुरे विश्व को अध्यात्म का संदेश दे सकें। उन्होंने एकनाथ जी के संदेश को लेते हुए कहा कि “एक जीवन एक ध्येय” का अर्थ जीवन को इधर – उधर ना भटकाते हुए सीधे लक्ष्य तक पहुँचाना है। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामकृष्ण मिशन विवेकानन्द आश्रम, रायपुर के सचिव स्वामी सत्यरुपानंद जी महाराज ने की और मुख्य अतिथि के रूप में पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस. के. पाण्डेय जी उपस्थित थे।

Medical Camps in Assam

Vivekananda Kendra, Branch-Tinsukia, Assam organized some free medical camps in Dibrugarh and Tinsukia districts of Assam. On 28th and 29th two camps were organized at Tingrai Balijan and Tingrai Borhola. 94 patients were examined in the first camp and the second camp was attended by 101 patients. The Lion K.K. Sasharia Eye Hospital, Dibruagh also conducted one eye screening camp on 29th at the same venue. 41 paints were screened and 12 cataracts were detected.

In continuation on 25th and 26th July another two more medical camps were organized at Borbam Proja Basti of Tengakhat block and Mautghat of Tinsukia district. In both camps 296 patients were examined and free medicines were distributed accordingly. It is to be mentioned that Vivekananda Kendra Assam Prant has started conducting medical camps in the interior and tea garden areas of Upper Assam.

Youth Devlopment Camp at Coimbatore




Friday, July 24, 2015

पटना में स्थानिक कार्यकार्ता प्रशिक्षण शिबिर

विवेकानन्द केंद्र कन्याकुमारी शाखा पटना द्वारा स्थानीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर का आयोगन 16 जुलाई से 19 जुलाई 2015 तक भगवान जगन्नाथ आचार्य प्रशिक्षण महाविद्यालय, कुम्हरार, पटना में किया गया। शिविर का शुभारम्भ 16 जुलाई प्रथम सत्र राष्ट्रभक्त सन्यासी स्वामी विवेकनान्द से हुआ, इस विषय पर मार्गदर्शन श्री रामनाथ मिश्रा जी  (C.A.), वरिष्ठ समाजसेवी द्वारा किया गया।

शिविर के द्वितीय दिन में प्रथम सत्र स्व-रूपांतरण की प्रक्रिया विषय पर मार्गदर्सन बिहार-झारखण्ड के प्रान्त संगठक श्री मुकेश कीर जी द्वारा किया गया। द्वितीय सत्र इतिहास की विकृतीकरण विषय पर मार्गदर्शन डॉ. नन्दकिशोर पाण्डेय जी (प्राध्यापक अंग्रेजी) द्वारा किया गया। इस शिविर के प्रथम दिन के अभ्यास सत्र में हमारे उत्सव विषय पर मार्गदर्शन श्रीमती रीता सिंह जी (निवेदिता वाहिनी प्रमुख) द्वारा किया गया।
द्वीतीय के प्रथम सत्र राष्ट्र के समक्ष चुनौतियाँ विषय पर मार्गदर्शन आदरणीय श्री मोहन सिंह जी(क्षेत्रीय कार्यवाह) द्वारा किया गया। द्वितीय सत्र में एकनाथजी और शिलास्मारक विषय पर मार्गदर्शन श्री ज्ञानेश्वर शर्मा जी(नगर प्रमुख) द्वारा किया गया। द्वितीय दिन के पाथेय में केंद्र प्रार्थना पर मार्गदर्शन डॉ. अजय कुमार जी(वरिष्ठ समाजसेवी व केंद्र के संरक्षक) के द्वारा किया गया। तृतीय दिन के प्रथम सत्र में कार्यकर्ता:: गुण, लक्षण, विशेष  विषय पर मार्गदर्शन आदरणीय श्री मुकेश कीर जी द्वारा किया गया। अभ्यास सत्र में कार्यक्रम: पूर्व नियोजन, पूर्ण नियोजन, अनुवर्तन  विषय पर मार्गदर्शन डॉ. पंकज कुमार जी (प्रान्त प्रशिक्षण प्रमुख) द्वारा किया गया।

आहुति सत्र श्री धर्मदास(नगर संगठक,पटना) द्वारा लिया गया जिसमे नियमित कार्यपद्धति में सहयोगी होने, अल्पकालीन, सेवाव्रती व पूर्णकालिक के लिए अवावाहन किया गया। शिविर में एक दिन केंद्र वर्ग कैसे लेना है उसका भी प्रशिक्षण दिया गया। शिविर में मंथन का विषय जीवन में सफलता का रहस्य, राष्ट्र के समक्ष चुनौतियों का समाधान व कार्यकर्ता के गुणों का जीवन पर्यंत के लिए अपने कार्यपद्धति के माध्यम से कैसे विकसित कर सकते हैं।

शिविर में गीत और मंत्र अभ्यास का भी प्रशिक्षण दिया गया। रात्रि में प्रेरणा से पुनरुथान में नये-नये खेल, अभिनय गीत साथ में एकनाथजी का जीवन चरित्र की घटनाओं पर मार्गदर्शन श्री धर्मदास जी द्वारा लिया गया। शिविर में कुल उपस्थिति 46 रही है जिसमे से 12 बहनें और 25 भाई, साथ ही संचालान और व्यवस्था में 9 कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही। शिविर के अंतिम दिन सभी सहभागी 108 सूर्यनमस्कार भी लगायें। कार्यक्रम में शिविर अधिकारी के रूप में श्री ज्ञानेश्वर शर्मा(नगर प्रमुख, वि.के.पटना) रहें।

Highlights of updates from various corners

1 : Auditorium Inauguration at Itanagar on the auspicious occasion of Mananeeya Eknathaji Jananma Shati Parva.

2 : Sarthak camp specially organized for the the parents of the lifeworkers at Pushkar in rajasthan.

3 : Renovation of rameswaram temple by Vivekananda Kendra Natural Resources and Development Program.

4 : Statue installation of hanumanji and bharatmata at kanyakumari, in vivekanandapuram campus.

5 : Sthanik Karyakarta Prakshishan shibir at patana.

6 : Personality Development Camp various places of assam - Tejpur, ghy, mangaldoi, jorhat etc

7 : Yoga Satra at guwahati.

8 : Samskar Varga Naipunya Varga at Palitana