Friday, April 7, 2017

पटना में योगसत्र

विवेकानन्द केंद्र कन्याकुमारी शाखा ,पटना द्वारा पशु चिकित्सा महाविद्यालय के छात्रावास सर्वप्रथम भाइयों के छात्रवास में 20 मार्च से 26 मार्च तक योग सत्र का आयोजन किया गया इस योग सत्र का विशेष उद्देश्य योग की महता को युवाओं तक पहुँचाना साथ ही साथ योग का विद्यार्थी जीवन में क्या महत्त्व है इसको समझाना हमने उनको शारीरक अभ्यास के साथ साथ ये भी बताया की जीवन में हमने जितना ग्रहण किया है उस से ज्यादा समाज को वापिस देना और बताया की ये यज्ञ की संकल्पना यदि रूक गई तो समाज दुर्भल होता जायेगा और व्यक्ति समाज में समस्या के रूप में खड़ा हो जायेगा इसलिए इस संकल्पना को आगे बढ़ाना ।

योग सत्र के समापन में महाविद्यालय के DEAN डॉ. समन्तराय जी ने युवाओं को इसे नियमित करने के लिए आव्हान किया और कहा की व्यक्तित्व विकास शिविर भी अपने महाविद्यालय आयोजित करवायेंगे , केंद्र के सहा नगर प्रमुख डॉ. पंकज कुमार जी ने केंद्र की गतिविधियों पर प्रकाश डाला साथ ही केन्द्र से नियमित जुड़कर इस राष्ट्र कार्य में अपना योगदान  देने के लिये आव्हान किया ।

27 मार्च से 2 अप्रैल बहिनों के छात्रावास में योग सत्र का आयोजन किया उस योग सत्र का समापन में केंद्र की कार्यालय प्रमुख  श्रीमती सुभाषिनी द्विवेदी  जी ने केन्द्र कार्य से जुड़ने के साथ साथ बहिनों को अपनी भूमिका निभाने की लिये कहा और उन्होंने बताया की ये योग हमारे समूर्ण जीवन को बदल देगा और आने वाली नई पीढ़ी संभल और सकारात्मक होगी  उन्होंने इसे नियमित करने के लिये भी आव्हान किया ।

Monday, April 3, 2017

योग का प्रथम अध्याय है अनुसाशन

21 फरवरी से 2 मार्च 2017 तक दस दिवसीय योग शिविर का बिहार - पटना में किया गया। इस योग शिविर में उपस्थित प्रतिभागियों को शिथलीकरण, सूर्यनमस्कार ,और आसन ,प्राणायाम के अभ्यास के  साथ- साथ पतंजलि ऋषि के आठ सूत्र यम, नियम ,आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार ,धारणा, ध्यान,और समाधी के बारे में बताया गया किस प्रकार ये हमारे जीवन से जुड़े हुए है साथ ही इनका हमारे जीवन में कितना महत्त्व है ये बताया गया। इस शिविर में 21 प्रतिभागियों की उपस्थिति रही।

शिविर के समापन में श्री किशोर टोकेकर ( सयुंक्त महासचिव विवेकानन्द केंद्र ) उपस्थित रहे उन्होंने योग सत्र के समापन में मार्गदर्शन करते हुए बताया की योग  वह विधि है जिसमें मनुष्य पशु-मानव के स्तर से विकास करता हुआ मानव-मानव,अति-मानव और उससे आगे दिव्य-मानव के पद की ओर अग्रसर होता है आगे उन्होंने बताया की वैयक्तिक उपलब्धियों तथा सामाजिक समरसता की प्राप्ति हेतु योग,स्पष्टत:,एक वास्तविक समाधान है।

मुकेश कीर (प्रान्त संगठक बिहार+झारखण्ड) द्वारा विवेकानन्द केन्द्र की विभिन्न गतिविधियों पर प्रकाश डाला गया साथ ही उन्होंने केंद्र से जुड़कर इस राष्ट्र यज्ञं में अपना योगदान देने के लिए आह्वान किया।

स्थानीक कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर, खंडवा नगर

विवेकानन्द केंद्र कन्याकुमारी इंदौर विभाग द्वारा खंडवा नगर में स्थानिक कार्यकता प्रशिक्षण शिविर दिनांक 22 मार्च से 26 तक आयोजित किया गया। कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर यह कार्यकर्ता के वैचारिक स्पष्टता तथा राष्ट्र निर्माण में कार्यकर्ता की भूमिका इन विषयों को लेकर आयोजित किया जाता है।

शिविर में कुल 6 बौद्धिक सत्र हुए, 1.राष्ट्र भक्त सन्यासी स्वामी विवेकानंद , 2. केंद्र प्रार्थना, 3. संघटित कार्य की आवश्यकता  4. मा. एकनाथजी, 5. संस्कार वर्ग क्यों और कैसे 6. गुण एवं जीवन ध्येय। शिविर में दिनचर्या सुबह 4.30 बजे जागरण व प्रातः स्मरण से प्रारम्भ कर संस्कार वर्ग का अभ्यास, कर्म योग श्लोक संग्रह का अभ्यास व पठन किया गया। मंथन सत्र में सेवा ही साधन से सुव्यवास्थित मानसिकता  अध्याय का पठन, संस्कार वर्ग से वर्त्तमान चुनोतिया का समाधान इन विषय पर चर्चा व प्रस्तुति की गयी। अभ्यास सत्र में उठो जागो अभियान, महाविद्यालय में केंद्र वर्ग एवं उत्सव के विषय कार्यकर्ता ने लिए। शाम शारीरिक अभ्यास में संस्कार वर्ग लिया गया। प्रेरणा से पुनरुत्थान में भगिनी निवेदिता की कहानी बताई गयी।

शिविर में समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ के मा. प्रान्त सह संघचालकजी डॉ प्रकाश शास्त्री, खंडवा शासकीय बहुशिल्प महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ चंद्रशेखर ढबू और विवेकानंद केंद्र की प्रान्त संघटक कु. रचना दीदी  ने कार्यकर्ताओं को आशीर्वचन दिए। डॉ शास्त्रीजी ने बताया की संगठन में नेतृत्व करने वाला कार्यकरता स्पष्ट और व्यवस्थित है तो कार्य यह परिणामकारक होता है, डॉ चंद्रशेखर ढबू जी ने स्वयं पर नियंत्रण करने की बात कही, आ. रचना दीदी ने कार्यकरताओ को आहवाहन किया की यह समय अधिक कार्य करने का है अतः अपने जीवन का अधिक से अधिक समय हम दे । समापन कार्यक्रम में खंडवा नगर से प्रबुद्धजन भी उपस्थित थे। शिविर के अंतिम दिन कार्यकर्ताओं ने श्री दादाजी धूनीवाले के दर्शन किये और प्रसादी ग्रहण की ।

शिविर में कुल 4 गण त्याग, सेवा, समर्पण,श्रद्धा की रचना की गयी थी। शिविर में इंदौर नगर से 16, धार नगर से 3 और उज्जैन नगर से 9 , खंडवा नगर से 2 , संचालन चमु 10 ऐसे कुल 40 कार्यकर्ता उपस्थित थे।

Cyclic Meditation Camp at Chinchwad

Chinchwad branch had organized a 4 day Cyclic meditation camp from 20/03/2017 to 23/03/2017 at Dhokha Pratishthan Chinchwad which was conducted by Shri Vishwasji. We had an overwhelming response for this program and over 150 people attended all 4 days regularly. ​The good comments from the people and desire of some participants to join our organization means a lot to us.

We are now in touch with the Police department here to give them a training session on Cyclic meditation looking at their busy stressful life full of tension.

W​e would ​like to thank all the karyakartas for helping and making this program a big success. Also we would like to thank Mr. and Mrs. Dhoka for arranging a big hall for this session free of cost.

Friday, March 24, 2017

Conference on Swami Vivekananda

एसडी पीजी कॉलेज में “स्वामी विवेकानंद: द वाइस ऑफ़ यूथ” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का सारगर्भित समापन
आज की गतिविधियाँ: भाषण, खेल, प्रेजेंटेशन, डिस्कशन

उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा प्रायोजित दो दिवसीय नेशनल कोन्फेरेंस का एसडी पीजी कॉलेज में आज विधिवत एवं सारगर्भित समापन हो गया. “स्वामी विवेकानंद: द वाइस ऑफ़ यूथ” थीम लिए इस सेमिनार ने प्रदेश के सुदूर कोनो से आये विवेकानंद विद्वानों और रिसर्च स्कोलर्ज को अपनी तरफ खिंचा. दूसरे दिन के मुख्य वक्ता श्री अशोक बत्रा, प्राचार्य हिन्दू कॉलेज रोहतक और श्री दशरथ चौहान, विभाग प्रमुख विवेकानंद केंद्र हरियाणा प्रान्त रहे. सुश्री अलका गौरी जोशी, प्रान्त संगठक विवेकानंद केंद्र हरियाणा प्रान्त ने प्रतिभागियों और रिसर्च स्कोलर्ज को खेल, प्रेजेंटेशन और डिस्कशन के माध्यम से व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया तथा उन्हें खुद से आत्मसात किया. प्रदेश के भिन्न-भिन्न कालेजो से आये रिसर्च सकोलर्स और प्राध्यापको ने भी आज की कार्यशाला में भाग लेकर स्वामी विवेकानंद के बताये मार्ग पर चलने का प्रण लिया. सिरसा, कैथल, पंचकुला, अम्बाला आदि से आये रिसर्च सकोलर्स ने इस दो दिवसीय कोन्फेरेंस में स्वामी विवेकानंद पर लिखे अपने शोध पत्र भी प्रस्तुत किये.

मुख्य वक्ता श्री अशोक बत्रा, प्राचार्य हिन्दू कॉलेज रोहतक ने अपने वक्तव्य में स्वामी विवेकानंद द्वारा विश्व धर्म सम्मलेन में दिए गए भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि उनके द्वारा बोले गए शब्द उन्हें आज भी याद है, “मेरे अमेरिकी बहनों और भाइयों, आपके इस स्नेह्पूर्ण और जोरदार स्वागत से मेरा हृदय आपार हर्ष से भर गया है। मैं आपको दुनिया के सबसे पौराणिक भिक्षुओं की तरफ से धन्यवाद् देता हूँ”. श्री बत्रा ने कहा कि दुनिया को शहनशीलता और सार्वभौमिक स्वीकृति का जो पाठ विवेकानंद ने पढाया है वह दुर्लभ है. शब्दों का चुनाव कैसे हो, और कैसे एक-एक शब्द हमारा पूरा व्यक्तित्व ही बदल सकता है यह सन्देश हमें स्वामीजी ने ही समझाया है. श्री बत्रा ने आज इस अवसर का लाभ उठाते हुए उपस्थित प्रतिभागियों को लिखने कि कला और शब्दों कि ताकत के बारे में विस्तार से समझाया.

सुश्री अलका गौरी जोशी ने कहा की आज की भाग-दौड़ की जिंदगी में किसी के पास भी इतना समय नहीं है के वह आत्म-चिंतन और गंभीर मंथन कर सके। मानसिक-अवसादों के कारण हमारा व्यक्तित्व और स्वास्थ्य दिन प्रतिदिन गिर रहा है। ऐसे में आत्मिक संतुष्टि और संतुलन के लिए विवेकानंद विचारों को हमें अपनाना चाहिए। जब बाहरी शोर हमें सुनना बंद हो जाएगा तभी हमें मन की आवाज़ सुनाई देगी. तत्पश्चात खेल, प्रेजेंटेशन और डिस्कशन के सत्र में सुश्री अलका गौरी जोशी, प्रान्त संगठक विवेकानंद केंद्र हरियाणा प्रान्त ने प्रतिभागियों के भीतर छिपी प्रतिभा और उर्जा को कैसे नियंत्रित किया जाए के बारे बखूबी प्रशिक्षण किया. इस सत्र में सोने के समय का ध्यान लगाने में कैसे उपयोग किया जाये, तरक्की और आध्यात्म में सामंजस्य कैसे स्थापित किया जाये, धर्म का अध्ययन कैसे हो, प्रश्न पूछने से पहले कैसे ज्ञान प्राप्त किया जाये, क्या ध्यान सिर्फ एकांत में ही संभव है जैसे कितने ही अलग-अलग विषयों पर सकोलर्स और प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को व्यवहारिक ज्ञान और प्रशिक्षण दिया गया. प्राणायाम, योग तथा स्वाध्याय का व्यावहारिक ज्ञान भी इसी सत्र में दिया गया। सुश्री अलका गौरी जोशी ध्यान लगाने की प्रक्रिया को भी स्वयं कर के समझाया।

अपने सारगर्भित और ओजस भाषण में श्री दशरथ चौहान, विभाग प्रमुख विवेकानंद केंद्र हरियाणा प्रान्त ने आज स्वामी विवेकानंद के जीवन, शिक्षाओं और महान विचारों पर आधारित कहानियां और रोचक एवं शिक्षापूर्ण घटनाएं प्रतिभागियों को सुनाई। इन कथाओं को सुनाने का तात्पर्य नौजवानों में नया जोश और प्रेरणा भरना था. हममे दान की प्रवृति को खुद में सैदेव रखना चाहिए. जीवन में रिश्तों कि भी बहुत अहमियत है. एकाग्रता रखने वाला व्यक्ति जीवन में कभी असफलता का मुख नहीं देखता. गुलाम रहने वाले लोगों का कोई धर्म नहीं होता. उन्होनें कहा की जब तक विवेकानंद की दी गई शिक्षा हमारे मन-मस्तिष्क में रच-बस नहीं जाती तब तक पारंपरिक शिक्षा ग्रहण करने का कोई औचित्य नहीं है। हमें अपनी इंद्रियों की लगाम को काबू में रखना आना चाहिए और ‘अहं’ को काबू रखना भी हमने ही सीखना है. कामनाओं और इच्छाओं को नियंत्रण में रख कर ही हम जीवन में सही निर्णय ले सकते है। जीवन में किसी ना किसी लक्ष्य को निर्धारित करना बहुत जरूरी है और फिर उन लक्ष्यों को पाने का तरीका भी उचित होना चाहिए. हमारे मन सैदेव सुविचार ही आने चाहिए। स्वामी विवेकानंद के विचारों में जीवन जीने की कला और शक्ति व्याप्त है। स्वामीजी को पढ़ने से खुद में शक्ति और आत्मविश्वास का नव संचार होता है। स्वामी विवेकानंद से बड़ा कोई पथ प्रदर्शक नहीं है। स्वामीजी कहते थे की यदि हमने परमपिता परमात्मा की सेवा करनी है तो पहले देश की सेवा करनी होगी. हर व्यक्ति में एक जैसा ही प्रकाश-पुंज मौजूद होता है, बस उसे पहचानना आना चाहिए. स्वामीजी ने इसी प्रकाश-पुंज कुंज को जानने में हमारी मदद की है। उन्होनें कहा की आज़ादी के सही मायने ज़िम्मेदारी के साथ आते है।

----------------------(आज सुनाई गई विवेकानंद कहानियां)------------------

विवेकानंद की कहानियां सुनते हुए श्री दशरथ चौहान ने प्रतिभागीओं को मन्त्र-मुग्ध कर दिया. एक बार स्वामी विवेकानंद के विदेशी मित्र ने उनके गुरु श्री रामकृष्ण परमहंस से मिलने का आग्रह किया और कहा की वह उस महान व्यक्ति से मिलना चाहता है जिसने आप जैसे महान व्यक्तित्व का निर्माण किया. जब स्वामी विवेकानंद ने उस मित्र को अपने गुरु से मिलवाया तो वह मित्र, स्वामी रामकृष्ण परमहंस के पहनावे को देखकर आश्चर्यचकित हो गया और कहा – “यह व्यक्ति आपका गुरु कैसे हो सकता है, इनको तो कपड़े पहनने का भी ढंग नहीं है.” तो स्वामी विवेकानंद ने बड़ी विनम्रता से कहा – “मित्र आपके देश में चरित्र का निर्माण एक दर्जी करता है, लेकिन हमारे देश में चरित्र का निर्माण आचार-विचार करते है.”

श्री दशरथ चौहान ने एक और कहानी सुनाते हुए कहा की स्वामी विवेकानंद बचपन से ही निडर थे.
जब वह लगभग 8 साल के थे तभी से अपने एक मित्र के यहाँ खेलने जाया करते थे.उस मित्र के घर में एक चम्पक पेड़ लगा हुआ था.वह स्वामीजी का पसंदीदा पेड़ था और उन्हें उसपर लटक कर खेलना बहुत प्रिय था. रोज की तरह एक दिन वह उसी पेड़ को पकड़ कर झूल रहे थे की तभी मित्र के दादा जी उनके पास पहुंचे,उन्हें डर था कि कहीं स्वामीजी उस पर से गिर न जाए या कहीं पेड़ की डाल ही ना टूट जाए, इसलिए उन्होंने स्वामी जी को समझाते हुए कहा, “नरेन्द्र,तुम इस पेड़ से दूर रहो, और अब दुबारा इस पर मत चढना.”
“क्यों?” नरेन्द्र ने पूछा.
“क्योंकि इस पेड़ पर एक ब्रह्म्दैत्य रहता है.वो रात में सफ़ेद कपडे पहने घूमता है, और देखने में बड़ा ही भयानक है.” उत्तर आया.
नरेन्द्र को ये सब सुनकर थोडा अचरज हुआ, उसने दादा जी से दैत्य के बारे में और भी कुछ बताने का आग्रह किया.
दादा जी बोले, “वह पेड़ पर चढ़ने वाले लोगों की गर्दन तोड़ देता है.” नरेन्द्र ने ये सब ध्यान से सुना और बिना कुछ कहे आगे बढ़ गए . दादा जी भी मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गए, उन्हें लगा कि बच्चा डर गया है. पर जैसे ही वे कुछ आगे बढे नरेन्द्र पुनः पेड़ पर चढ़ गया और डाल पर झूलने लगा.
यह देख मित्र जोर से चीखा, “अरे तुमने दादा जी की बात नहीं सुनी, वो दैत्य तुम्हारी गर्दन तोड़ देगा.”
बालक नरेन्द्र जोर से हंसा और बोला, “मित्र डरो मत! तुम भी कितने भोले हो! सिर्फ इसलिए कि किसी ने तुमसे कुछ कहा है. ऐसे कभी यकीन मत करो;खुद ही सोचो,अगर दादा जी की बात सच होती तो मेरी गर्दन कब की टूट चुकी होती.” इतने निडर और साहसी थे स्वामी विवेकानंद. ऐसे कितने ही किस्से आज श्री दशरथ चौहान ने प्रतिभागियों को सुनाये.

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने अपने वक्तव्य में कहा की दुनिया में आज एक प्रकार की खंडता हो गई है और इंसान-इंसान से दूर हो गया है. स्वामी विवेकानंद के विचार इसी खण्डता के भावों को दूर करते है और लोगों में छुपी दिव्य ज्योति को उनसे रुबरु कराते है। जिन समस्याओं से आज हम जूझ रहे है यदि हम थोड़ा सा भी स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं एवं उनके विचारों को अपना ले तो ये समस्याएँ खुद-ब-खुद छू-मंतर हो जाएंगी।

इससे पहले माननीय मेहमानों का स्वागत एसडी पीजी कॉलेज प्रधान श्री दिनेश गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, डॉ रवि बाला और डॉ बाल किशन शर्मा ने किया. डॉ संगीता गुप्ता ने मंच का संचालन किया. प्रो यशोदा अग्रवाल ने आज प्रतिभागियो को विवेकानंद देश भक्ति गीत “धर्म के लिए जिए, समाज के लिए जिए; ये धड़कने ये सांस हो मात्रभूमि के लिए” गाकर सुनाया और सिखाया जिससे कोन्फेरेंस का माहौल देशभक्ति के भावो से औत-प्रौत हो गया।

इस अवसर पर कॉलेज के स्टाफ सदस्य डॉo सुरेन्द्र कुमार वर्मा, डॉo रवि बाला, डॉo राकेश गर्ग, प्रोo मयंक अरोड़ा, प्रोo इंदु पूनिया, प्रो यशोदा अग्रवाल, दीपक मित्तल आदि भी मौजूद रहे।

(प्राचार्य)
डॉ अनुपम अरोड़ा

Friday, March 17, 2017

VKNARDEP Newsletter

Wolfgang Sachs is an author and research director at the Wuppertal Institute for Climate, Environment and Energy, in Germany. He has been a member of the Intergovernmental Panel on Climate Change and is a member of the Club of Rome. He has edited immensely influential book “The Development Dictionary”. In this issue, we have given a few of his quotable quotes.
Shri.N.Krishnamoorthi covers the most important topic of ‘Biodiversity’ – the last in this series. The swan exhorts us by saying “Man is a part of nature and nature is an extension of man. The death of every animal severe man’s link with nature and cuts a stand in the grand web of existence. The loss of every plant makes man lonelier, exposed to greater and crueler risks of loneliness and death”. In happening section, we have covered training programmes in Bio-manure preparation, Growth promoters, Ferro-cement technology etc.
In the wisdom section, Prof.Dennis Pirages a co-chair of the board of ‘World Future Society’ highlights ‘Growing ecological insecurity’, David W.Inouye, Faculty - University of Maryland & President, American Ecological Society tells us that Biodiversity is at all levels a heritage and so should be preserved at any cost and finally the famous writer and a critic of western model of development Shri.Makarand Paranjpe describes how the entire American civilization is based on ‘Garbage making’. For reading the newsletter.

Talk on eve of women's day

Vivekananda Kendra Kanyakumari, Branch Chinchwad had organized a lecture on the eve of Womens day celebration on 10/03/2107 along with help of Arogyam Yog Center. Chief guest for this program was Mrs. Shital Kapshikar (Mahil Shahir - The powadas are a kind of ballad written in an exciting style and narrate historical events in an inspiring manner. The composer-cum-singers of the powadas are known as Shahirs.). Our Sanchalika Smt Aruna Marathe spoke about the Kendra activities carried out in Chinchwad area. Mrs. Shital Kapshikar spoke about Women empowerment through Powadas by giving examples of Savitribai Phule, Sunita Williams, Kalpna Chawla, Jijabai etc. Poeple from surrounding areas yoga students and ladies were present for this program. Around 70 ladies were present for the program.

Green Rameswaram Project Newsletter

The Nari Shakti Puraskar, instituted in 1999 is a way for us to recognize women who have exceeded expectations to challenge the status quo and make a lasting contribution to women’s empowerment. The Government of India confers these awards on individuals and institutions in recognition of their service to the cause of women. The outstanding contributions in the field of women development & upliftment by way of being role models are of primary consideration in identifying the recipients of Puraskar.
Kalpana Shankar, Chairperson of Hand in Hand India, an organisation working on women SHGs, livelihoods and child labour received this year’s Nari Shakti Award from President Shri.Pranab Mukherjee at Rashtrapati Bhavan in New Delhi, on Wednesday, 8th of March, 2017. Hand in Hand India is our partner in ‘Green Rameswaram’ project. We congratulate Dr.Kalpana Sankar for her achievements and for receiving the prestigious award.
This month has the following highlights:
Shri.Narendra Joshi in his series ‘Rameshwaram – The Anchor of Indian Renaissance’ writes about Puri Jaganath, 84 Kosi and Kashi – Rameshwaram Yatra
Dr.Ramarathnam of Basil Energetics, Chennai writes about the potential of Wind energy
Shri.Subramanian of C.P.R Environmental Educational Center writes about Nakshatra Vanam. This month he gives the details of Jyeshtha, (Tamil: Kettai)
In the water harvesting section, you can see the picture gallery of the revival of new Kumutha Traditional water body and finally work to build the Social Capital.

Friday, March 10, 2017

Active Learning Methodology workshops conducted in Assam

Active Learning Methodology Workshop is conducted Vivekananda Kendra Shiksha Prasar Vibhag in Vivekananda Kendra Vidyalaya Ramnagar, Silchar (16 to 18 February 2017) 31 Teachers (including 4 Principals) Participated from 5 Schools - VKV Ramnagar Silchar, Assam, VKV Borojalenga, Assam, VKV Badarpur, Assam, Subrai Vidya Mandir, Agartala, Tripura, Subrai Mission Convent School, Teliamara, Tripura] and Vivekananda Kendra Vidyalaya (NEEPCO) Umrangso (19 to 21 February 2017) 30 Teachers Participated from 5 Schools - VKV (NEEPCO) Umrangso, VKV Tumpreng, VV Jirikindeng, VKV Borojalenga, VKV Badarpur.

Smt. Sivakami Sundari Retd. Chief Education Officer, Tamilnadu and Sri Anbazhagan N. State Coordinator  for ICT (Information Communication Technology), Dept. of Education, Govt. of Tamildadu were the resourse persons.

ALM is a Learner Centric Study where teachers can enrich the learning capacity of students and it gives a divergent exposure to learners. Different steps of ALM were shared like Introduction, self reading, group/ guided reading , finding difficult words and getting its meaning in small groups and then in larger group i.e. the whole class, Mind Map, Consolidation, Reinforcement, Evaluation etc.

It’s an interactive class where all 40 students get opportunity to talk, discuss, share their views, teacher facilitates the whole process and guides the right direction

Subject wise different groups were made for different activities. After initial training, teachers from each subject group took classes following  ALM methodology initially among teachers and later for students in a normal class.

At VKV Ramnagar, Silchar: Dr Bibhash Deb, Former Director of College Development Council, Assam University Silchar was the special invitee. He congratulated School Authority and VKSPV for conducting  this kind of camp to uplift and sharpen the skill of teachers.

At VKV (NEEPCO) Umrangso: Sri Kanti Ranjan ..., Principal JB Hagjer College, Umrangso attended the concluding session. He emphasized on implementing such methodology in classrooms will be bring a lot change in the learning process and educational scenario as a whole.

Development should go hand in hand with culture

ROING, Mar 6: Vivekananda Kendra Arun Jyoti, Roing organized ‘Vimarsha’, a lecture session of Padmashree Nivedita Bhide, vice president of All India Vivekananda Kendra, Kanyakumari.

The programme was held at VKV, Roing on the topic ‘development through culture’.

On the occasion, Gingko Lingi, president of Idu Mishimi Culture & Literary Society, felicitated Nivedidta Bhide for being conferred with Padmashree award this year.

The session started with indigenous Idu Mishimi prayer by Hornbill school. After prayer, Nivedita enlightened the gathering on the topic.

“We need development but not at the cost of culture. Development is possible only when there are individual rights, individual freedom and growth of culture. Development alone cannot sustain for long,” she said adding “for a sustainable development, development should go hand in hand with culture. We shall feel proud of our own culture and be rooted to it.”

She further said: “Arunachal Pradesh is a land of rich culture and could become example for not only other Indian states but the whole world for development with culture.”

Jatan Pulu, member of General Body VKV, Arunachal Pradesh, presided over the programme.

Arunachal Pradesh Governor announced an Award in memories of Ma. Eknathaji Ranade

ITANAGAR, Mar 7: The Governor of Arunachal Pradesh PB Acharya has instituted awards in the names of eminent personalities for outstanding students of 14 government colleges of the state.

Accordingly, three best students in academics, sports and performing arts in each college will be given the awards every year.

The Governor said these awards will encourage the students towards academic excellence, sports and performing arts, and at the same time, it will also remind them of the eminent personalities, who have rendered their valuable services to the state and country.

The awards will be in the memory of Rajendra Prasad, Lal Bahardur Shastri, Vishnu Sahaya, Eknath Ranade, Colonel Luthra, R K Patir, KAA Raja, Daying Ering, Tomo Riba, Talom Rukbo, Lummer Dai, Indira Miri, Jikom Riba, C K Gohain Namchoom, Sobeng Tayeng, Indrajit Namchoom, Wangpha Lowang, Omem Deori, Nokmey Nimati, former Chief Minister Dorjee Khandu, Kuru Hassang, Tadar Tang, Nyari Welly, Kop Temi, Tagi Raja, Matmur Jamoh, Marto Kamdak, Jomin Tayeng, Bini Yanga, Saint Narottam, Muktinath Borthakur and Maj Bob Kathing.

An amount of Rs 1 lakh each will be kept in fixed deposit as corpus fund against each college and interest accrued each year will be used for that award, which will be in kind.

A certificate for each award winner will be given from the Raj Bhavan. The selection of the award winning students and other details will be worked out by the respective colleges and the Raj Bhavan.

On the same lines, an amount of one lakh will be kept in fixed deposit as corpus fund for the awards for children of Raj Bhavan staff to encourage academic, sports and performance excellence.

The Governor has also instituted awards for outstanding students of Puroik Community and an amount of Rs 2 lakhs has been kept in fixed deposit as corpus fund for the purpose.

(An award is instituted in the fond memories of Maa. Eknathji for his commendable contribution to Arunachal Pradesh).

Source: Arunachal Times

Activity Report of Vadodara Nagar 2016-17










Three Days Residential Yuva Prerana Shibir at Gandhinagar

This three days residential Yuva Prerana Shibir was organized under Safal Yuva Samarth Bharat programme at Gandhinagar from 24th feb to 26th feb 2017. There are 49 participants (brother and sisters) colleges of Ahmedabad, Gandhinagar, Palanpur, Patan and Mehsana. The camp was inaugurated by Shibir Pramukh Shri Nalinbhai Pandya(Karnawati vibhag Pramukh). Suyanamaskar, yogasana, pranayama, discussion on various topics, lectures, bhajan and geet were the part of camp.

Personality Development Camp at Borivali

Vivekananda Kendra Borivali branch Conducted on 26th FEB.2017 a“Personality Development Camp” in Vidhyabhushan Highschool for the student who got Good marks in Bhartiya sanskriti pariksha 2016 conducted by the Borivali branch. Time of the Camp is 2.30 pm to 6.00 pm. 35 students from 4 schools (Prgatati, Vidhyabhushan, shailendra and Ramkrishna Highschool) attended the camp. In the camp  Shri. Vijay Khole, Shri. Satish Dipnaik , Shri. Paranjpe and Shrimati Jagruti Save Guided the students. Also the whole program was conducted by the students of Gokhale college & LN College who gone to kanykumari shibir in Dec.2016 “Leadership development camp”.

Friday, March 3, 2017

Yoga Satra and Pranayama Satra at Nagpur

Vivekananda Kendra Nagpur Branch organised 2 YOGA SATRAS in February 2017.

One satra was organized at 26 Atre Layout (11-02-2017 to 20-02-2017) in the morning 6 to 7.30. Total 12 candidates participated in this satra. It included practical training of Loosening Exercise, Surya Namaskar, Aasan, and Pranayam.

Pranayam satra which was organised at Raviram Residency Dhantoli (13-02-2017 to 19-02-2017) in the evening 5 p.m. to 6 p.m. 19 candidates participated in this satra.  It included Practical training of Loosening Exercise,Breathing Exercise and Pranayam.

Detail explanation of Patanjali Yoga Sutra in both the satra

Vivekananda Kendra Mysore Feb (2017) Month Activities

On 3rd February, RATASAPTAMI day Samuhika suryanamaskar was organised at Bannur, Sri Ramachandraji briefed the importance of the day. All participants did 54 rounds suryanamaskara.

On 7th February, arise awake exhibition and book sales was organised at Capitol public school, saraswstipuram.

TEJAS workshop at V K Mysore : Vivekananda kendra was organized tejas workshop for class 10th students of J S S High school, laxmipuram from 8th February to 14th February. Nearly 180 students attended the workshop. Yoga, games, group discussions and song sessions taken. SRI RAMAKRISHNA JAYANTI celebrated on 18th February. Books and uniforms distributed to needy students. YOGA SATRA was organised at Vardaraja swamy temple, Varkod, T Narsipura taluk from 26th to 4 th March. 98 students from Mahajana 1st grade college, Mysore attending . breathing exercises, loosening exercise, surya namaskar, asanas, pranayama and games were taught to the students.

KPS of Uttarbang Vibhag

Vivekanand Kendra-Uttarbang Vibhag has organized three days Karyakarta Prashikshan Shibir in the hill areas of PAREN, in Kalimpong District.Shri Kumar Shaputa, Principal of Spring Dales Academy, Paren Gairigaon Jaldhaka, inaugurated the program. Renounce person of this area shri J.B.Rasaily- Principal of the" Sur-chand musical college" and smt. Nandika Kharka District secretary of Manav Utthan Seva Samity were present in the Shibir and encourage to the participants.

Shri Manoj Das prant Sangathak, Dharmraj Joshi, teacher of the Sanskruti the Gurukulam, Guwahati and Swapan kumar Mandal of Jhargram delivered the speech related to Swamiji purpose of life & (The story of Rock memorial and Vivekanand Kendra, by Joshi ji in Nepali language)

 Shri Pradeep Jayaswal,Dr. Arun ku. Upadhayay, ku.Shubhangi Upadhayay taken the session  how to conduct Sanskar varg, yoga varga, Kendra varga.In the  Manthan session participants presents a short play in Nepali language theme was yoga varga -Sanskar varga- Swadhaya varga. In the last day of program all participants are made to get together with their families and they formed a committee for spreading the  message of swami Vivekanand & Activities of Vivekanand Kendra.

Total Participants 30.

युवा प्रेरणा कार्यशाला

विवेकानन्द केंद्र कन्याकुमारी शाखा पश्चिम कर्णावती द्वारा शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में युवा प्रेरणा कार्यशाला  सफल युवा समर्थ भारत अभियान अंतर्गत सोमवार,20 फरवरी 2017, को  प्रातः10 से दोपहर 2बजे तक संपन्न हुई।  कार्यशाला में पंजीयन एवं उद्घाटन सत्र के पश्चात सूर्यमनमस्कार का प्रशिक्षण, खेल सत्र एवं चर्चा सत्र जिसका विषय "व्यावहारिक जीवन में देश भक्ति" रखा गया था। जिसमे 85 सहभागी,15 प्रोफेसर्स एवं 9 कार्यकर्ताओ ने सहभाग लिया।

कार्यशाला के समापन में अहमदाबाद विभाग प्रमुख आ. श्री नलीनकाका एवं प्रिंसिपल श्री पी. ऍम. पटेलजी की प्रेरक उपस्थिति में महाविद्यालय के कक्ष क्र. 114 का स्वामी विवेकानंद कक्ष एवं अन्य दो कक्षो का क्रमशः सुभाषचंद्र बोस एवं जगदिशचंद्र बोस नामकरण किया गया। तथा विद्यार्थियों ने आगामी तीन दिवसीय (24-26 फरवरी 2017) युवाप्रेरणा शिविर के लिए भी पंजीयन करवाया।

Saturday, February 25, 2017

Swananda – Workshop on Stress Management

Vivekananda Kendra Training Institute of Excellence conducted a two day work shop on Stress Management – “SWANAND” in Pune on 11th & 12th February, 2017.
The workshop was attended by 34 Executives and Professionals from institutions like Infosys, TCS, Thermax, Emcure Pharmaceuticals, Aker Powergas, Cencept Information Techonology, Sidel India, SAP Parts.
The workshop was conducted under the guidance of Ma.Hanumanthraoji, All India Treasurer of Vivekananda Kendra, Kanyakumari. The concept of Happiness ( Ananda ), Recognitions of Stress, Awareness of Stress, Know Thyself – Manage the Stress – Yogic way, Vision of Oneness, Yoga Way of Life were discussed delivered in the workshop by Ma.Hanuji. Besides the theory, practice session for Asanas, Breathing Exercises, Relaxation Technique, alongwith some Games were conducted during the workshop.
The workshop was concluded by Ma.Vishwasji Lapalkar, Prant Sanghatak, Maharashtra. He explained various service activities of Vivekananda Kendra all over India and appealed for active participation of all in the activities.
The Swanand workshop was conducted for the first time in Maharashtra.

Maths Workshop at Sree Ramakrishna Ashram, Kayamkulam - Kerala

Swami Bhuvanatmanandaji Maharaj, the President of Sree Ramakrishna Ashram, Kayamkulam invited the workers of Vivekananda Kendra Thiruvananthapuram to conduct a one day science-Maths workshop for the hostel students there. Swami Bhuvanatmanadaji inaugurated the workshop at 8.30am on 18 Feb 2017. Soon after, students were organized in two groups. Kum Athira conducted science workshop for one group and Kum Nidhika conducted maths workshop for other group. Susri Lalita didi co-ordinated the whole workshop.

Students learnt to make different working models of science and maths. Concepts like multiplication table, addition, subtraction, place value etc were taught through various games. Patriotic songs, stories and games from Kridayoga were the part of the workshop.

Not only students, even Swamijis and Brahmachari of the ashram took keen interest in the workshop. President Swamiji in his concluding speech suggested Vivekananda Kendra Workers to conduct similar workshops for the students on regular basis. 40 students from class IV to X from various districts of Kerala participated in the workshop.

Yoga Satra in Palakkad

A 10 days’ Yoga Satra was organized in Narayaneeya Guruvayoorappa Ashram, Puthanur, Palakkad District, Kerala by Vivekananda Kendra, Thiruvananthapuram from 5 to 14 February 2017.  Smt Renuka Antarjanam, (wife of the founder - Narayaneeya Guruvayoorappa Ashram) inaugurated the Satra on 5th February 2017 at 3pm.  Satsanga for the participants of Satra by Sri Keshava Namboothiri (Founder - Narayaneeya Guruvayoorappa Ashram) was very educative. Smt Santhamma from Palakkad had organized the Satra. Kum Nidhika from Vivekananda Kendra Thiruvananthapuram conducted the yoga sessions. 6 women benefited from this Satra.

Vivekananda Jayanti Celebration Bangalore

On the holy occasion of Swami Vivekananda Jayanti, Vivekananda Kendra Kanyakumari, Vidyaranyapura, Bangalore branch conducted Arise Awake Swadhaya Examination on Incidents from the Life of Swami Vivekananda at 1. Regency Public school 23 students, Govt High school, Narsipura- 50 students, St. Philominas English school- 94 students, Govt High school Jakkur - 60 students , Shabari English School- 38 students. Suma Public School, Bhuvaneshwari Nagar 44 students. And in all schools Youth awareness Camp also conducted. Sri Srinvasaiahji, Nagara Sanchalak,  Sri M R Gurumurthi, Saha Nagara Sanchalaka, Sri Mohanlalji,  Sri Satyanarayanji, Sri Suresh Kumarji , Smt Veena  and Smt. Ratnamma involved in this activities.

Yoga Satra:  Yoga Satra conducted from  20.01.2017 to  29.01.2017 at Regency Public School, Vidyaanyapura. 60 people attended in this yoga satra.

Vivekananda Jayanti celebrated on 29th January at Regency Public School. 90 people attended the celebration. Sri Prahaladji, Founder,  OM Yoga Pratistana was the chief guest and Sri Srinivasaiahji, Nagara Sanchalak briefed the  Kendra activities and importance of the Day.

पटनामें योग सत्र का अयोजन

विवेकानन्द केंद्र कन्याकुमारी शाखा पटना द्वारा योग सत्र का आयोजन केंद्र कार्यालय 162 पाटलिपुत्र कॉलोनी में दिनांक 06.02.2017 से 15.02.2017 तक सुबह 7 बजे से दस दिवसीय  योग सत्र का आयोजन किया गया। जिसमें अधिक से अधिक संख्या में जन समूह द्वारा भाग लिया गया।

योग सत्र समापन के अनुभव कथन में डॉ.ह्रदय कुमार वर्मा जी ने बताया की योग हमारे जीवन का भाग होना चाहिए। जिस प्रकार खाना-पीना, सोना-जागना हमारी दिनचर्या का भाग है उसी प्रकार योग भी हमारी दिनचर्या का भाग होना चाहिए। अनुभव में एक बहिन सहभागी ने बताया की योग करने से हमारे जीवन में काफी परिवर्तन हुआ और कहा की हम इसका नियमित रूप से अभ्यास करेंगे साथ ही साथ योग के बारे में अपने साथियों को भी बतायेंगे।

योग सत्र के समापन में केन्द्र कार्यकर्ता राहुल किशोर राय ने केंद्र की विभिन्न गतिविधियों के जानकारी दी साथ ही उन्होंने सबको नियमित योग का अभ्यास करने के लिए बताया और उन्होंने  बताया की ये 1-2 घन्टे की प्रक्रिया नहीं है ये निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया है साथ ही ये हमें जीवन जीने की कला और पद्धति सिखाता है उन्होंने केंद्र से जुड़ने के लिए आवाहन किया।

Vishwabhanu December 2016 - January 2017

Community participation helps in forest conservation efforts

Community participation with support from NGOs and the forest department has triggered successful conservation efforts, as witnessed in many ecologically sensitive areas across the world. In parts of North East India also, local community involvement has enabled the scripting of positive environmental stories, according to Dr Biphuti Prasad Lahkar.

Speaking on the topic ‘Contribution of Local Communities to Conservation,’ in a Sanskriti Anveshak lecture of the Vivekananda Kendra Institute of Culture (VKIC) here recently, Dr Lahkar pointed to protected areas in western Assam in particular and revealed how tribal communities are now helping preserve the Manas National Park and neighbouring reserve forests.

“Once a community identifies with a forest, and realises its value for them, they make efforts to protect the flora and fauna therein,” he said.

It is, however, a challenge to motivate the communities to do that. It may take years before local people become aware about their dependence on a forest, before they can comprehend the ecosystem services they receive from a land or water body.

Dr Lahkar, who has been working in the Manas landscape for Aaranyak for close to two decades, first stepped inside Manas to carry out research work for his PhD on the grassland ecosystem of the national park. Gradually, he came to understand the need for its protection, for which he realised that community involvement was imperative.

Manas was devastated during a violent phase in which armed extremists carried out massive tree felling inside the park, decimating vegetation that had evolved over hundreds of years. Rampant poaching obliterated the tiger and rhino population. forest department infrastructure was burnt down.

In its aftermath, the young zoologist faced difficulties in building ties with members of the local Bodo community. He started interacting with some of the youths, who he trained in wildlife observation. The boys, in time, became fully equipped to act as guides to visitors and researchers. Some of them were encouraged to form an ecotourism society, a first for Manas National Park.

Dr Lahkar and his team have been doing capacity building for local communities in dozens of venues around the National Park.

Referring to the present environmental situation in Assam and the rest of the North East, Dr Lahkar said much remains to be done in areas such as conservation of sacred groves, preservation of seeds, watershed conservation, rescue and rehabilitation, and solid waste management, among others. These issues could also be better addressed with the collaboration of government agencies, NGOs and local communities, he added.

Free Operation Camp at Sonari

The Free Operation Camp organized by Vivekananda Kendra Kanyakumari in association with Dept. of Health and Family Welfare, Charaideo district and Remote Area Medical Corp.(RAM), Knoxville, USA concluded successfully on February 18, 2017 at Sub Divisional Civil Hopital , Rajapukhuri, Sonari. During the weeklong camp 42 patients were operated by the NRI and Indian Doctors for various diseases like Gall Bladder Stone, Appendicitis, Inguinal Hernia, Hydrocele etc.Out of them there were 25 female, 15 male and 2 pediatric patients. In OPD 107 patients were treated. 28 free Endoscopies were done by the NRI Gastroenterologist and out of them 2 were colonoscopies. Dr. Gangadhar Maddiwar, Dr.Vinayak Kulkarni, Dr.Anuradha Kulkarrni , Dr. Manoj Kulkarni and Dr. Krishna Dehpande from USA and Dr. Satish Tatawar from Chandrapur, Maharastra participated voluntarily in this camp. One ENT surgeon Dr.Archana Ranade from Apollo Gleneagles Hospital, Kolkata joined the surgical team for two days and she conducted 5 major ENT surgeries. Patients from Charaideo district of Assam and Longding district of Arunachal Pradesh got the benefits from this Free Operation Camp.

Earlier the camp was inaugurated on 13th February 2017 by the Deputy Commissioner of Charaideo district Sri Bibekananda Phukan attended by eminent personalities of Charaideo and Sibsagar districts. He thanked Vivekananda Kendra and RAM for the noble initiative to conduct such a multispecialty operation camp in this remote and sensitive border district. The Hospital Management Committee of Sonari Hospital felicitated the visiting doctors team with Assamese traditional Gamocha.

The mobile medical of Vivekananda Kendra conducted seven screening camps in various places of Longding and Charaideo for one month to find poor and needy patients for surgeries. 78 patients registered their names in these camps and out of them 42 were operated in the operation camp. Rests of the patients were medically treated.

It has to be mentioned that the Free Operation Camp in collaboration with RAM completed ten glorious years and we operated 596 patients so far without any complications. 

Saturday, February 18, 2017

बिलासपुर में राष्ट्रिय युवा दिवस

"स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था मुझे 100 युवाओं की आवश्यकता है और आज हमारे सामने हजारों युवा हैं अब समाज में सकारात्मक परिवर्तन का उत्तम समय आ गया है; युवाओं को सही मार्ग दिखाने की आवश्यकता है मैं आज इस स्थिति में हूं इसके पीछे सही मार्गदर्शन ही है" यह उद्गार बिलासपुर कलेक्टर श्री अन्बलगन पी ने विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा बिलासपुर द्वारा आयोजित स्वामी विवेकानंद जयंती पर व्यक्त किए l इस अवसर पर मंच में कलेक्टर महोदय अम्बलगन पी. ; संघ के मा. काशीनाथ गोरे, तथा विवेकानंद केंद्र के डॉ प्रतीक शर्मा, डॉ देवरस, डॉ ओम माखीजा व डॉ उल्हास वारे थे l अतिथियों को डॉ माखीजा द्वारा विवेकानंद के विचार लिखित फ्रेम से सम्मानित किया गया । संघ के काशीनाथ गोर जी ने कहा स्वामी जी अनेक लोगो के प्रेरणा स्तोत्र है जिसमे स्टील बनाने वाली टाटा कंपनी भी शामिल है l समस्त कार्यक्रम का नियोजन नगर संगठक बिलासपुर मा. कुलदीप जी द्वारा किया गया, उल्लेखनीय है कि विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की बिलासपुर शाखा सन 2013-14 से सक्रिय है एवं विवेकानंद जयंती के अवसर पर विवेकानंद उद्यान कंपनी गार्डन में शहर के मध्य उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था; जिसमें विवेकानंद केंद्र के प्रान्त सम्पर्क प्रमुख उल्हास वार जी; नगर संगठक कुलदीप जी; नगर प्रमुख गौरीशंकर जी; व्यवःथा प्रमुख भरत पखमोडे जी;विस्तार प्रमुख डॉ संजय आयदे जी तथा विवेक पांडे जी; लिडबिडे जी; नगर व्यवस्था प्रमुख आशुतोष शुक्ल आदि की प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष सहभागिता रही l मुक्त वि.वि. के कुलसचिव राजकुमार जी; केंद्रीय वि वि के प्रो एस एस ठाकुर जी; पुजारी जी व नगर के अन्य नागरिक भी काफी संख्या मे उपस्थित रहे l उद्घाटन कार्यक्रम के अंत में कलेक्टर अम्बलग्न जी व काशीनाथ जी ने विवेकानंद केंद्र द्वारा आयोजित "चलित रथ" का उद्घाटन स्वामी विवेकानंद जी के प्रतिमा पर पुष्पार्पण करके किया । यह रथ बिलासपुर नगर में भ्रमण करते हुए कार्यक्रम स्थल पर पहुचा जिसमे उसलापुर; नेहरू चौक, तिफरा कालीमंदिर; रेलवे स्टेसन, हेमुनागर, राजकिशोर नगर, देवरीखुर्द आदि स्थानी पर गया l इसके अतिरितक स्थानीय कार्यक्रम के प्रमुख स्थान मंगला, पारिजात कॉलोनी,सरकंडा,पुराना बस स्टेण्ड,मंदिर चौक,कोनी,चौबी कालोनी, बहतराई, गुरुघासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, साइंस कॉलेज, आईटीआई कोनी, कोनी थाना परिसर, कोटा आदि स्थानों पर पुष्पर्पण के माध्यम से मनाया गया । बिलासपुर में विवेकानंद केंद्र के नेर्तित्व में सभी छोटे बड़े कार्यक्रम कुल मिलाकर 51 से अधिक जगह विवेकानंद जयंती मनाई गयी |

पुष्पांजली ,रैली ,भाषण,प्रतियोगिता,रथ कुल 51 कार्यक्रम मनाये गये जिसमे कुल उपस्तिथि 5582 ।

1) बिलासपुर :33-2452

2) पेण्ड्रा ,गौरेला : 8-330

3) मुंगेली : 4-2050

4) पथरिया : 2-400

5) कर्गी रॉड कोटा : 3-300

6 ) रायगढ़ : 1-100

कुल कार्यक्रम :51 - 5582

* स्कुल - 17

* कॉलेज - 03

* विश्वविद्यालय - 02

* छात्रावास - 02 .

* रैली। 02

* विवेकानन्द रथ 02.